जबलपुर में सड़क हादसे में घायल 40 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर नरेंद्र रजक को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद उनकी पत्नी पूजा और परिजनों ने अंगदान का साहसिक फैसला लिया। अंगों को सुरक्षित और समय पर पहुंचाने के लिए रात 12 से 01 बजे की बीच जबलपुर में ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। नरेंद्र का हार्ट और लीवर विशेष चार्टर्ड विमान से अहमदाबाद भेजा गया।
तन्वी ने देश की लड़कियों को संदेश दिया है कि वे अपनी राह खुद चुनें और किसी भी मुश्किल के आगे घुटने न टेकें। उन्होंने कहा-अक्सर लड़कियों को आगे बढ़ने से रोका जाता है, लेकिन अगर इरादा मजबूत हो तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है।














